Sunday, August 28, 2011

तेरी नज़रे ....

यहाँ पर तो हर कोइ चुप सा है , तेरी ख़ामोशी का सबब समझ नहीं आता
नज़रे तो तेरी बातें करना चाहती है , कम्भक्त इन्हें खामोश रहना नहीं आता ........
- अकेला

Saturday, January 15, 2011

हौसले

जेब मे एक पैसा नहीं है
पर दिल मे हौसले बड़े है
इसलिए मेरे दोस्त आज हम यहाँ खड़े है
देखते है जिंदगी और कितना इम्तिहान लेती है
किस्मत से लड़ने को आज हम तैयार खड़े है
- अकेला

Wednesday, January 12, 2011

उम्मीद की रोशनी

दिल का जो दर्द था वो, आँखों से निकल गया
जो आता था सपनो मे, वो हकीकत मे बदल गया
हम तो मायूस हो चले थे जिंदगी से
बस एक उम्मीद की रोशनी से, मंजिल का ठिकाना मिल गया
- अकेला